कुछ कहते कहते रुक जाता हूँ ,सोचता हूँ ,क्या अभी?या सही समय का इंतज़ार करते है।ये सही समय क्या है ,शायद ये वो समय हैं जब ,आपको लगता हैं कि,पासा आपके खेमें में हैं,या वो जब आप उसके बाद के हालात को काबू कर सके।पता नहीं, दोस्त ये सही समय होता भी हैं या नहीं।लोग कभी कहते हैं जो जब किया तब ही करना चाहिए था,तो कभी कहते हैं थोड़ा रुक जाते,और सही समय का इंतज़ार कर लेते।यानि जैसा सोच था वैसा हुआ तो सही समय था,और अगर नहीं हुआ तो ?तो क्या!थोड़ा और रुक जातेसही समय का इंतज़ार कर लेते।जैसे मैं रुक गया था यह लिखने मेंसही समय का इंतज़ार करने में।
Tuesday, June 2, 2020
गलत समय
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
क्या किया जाए
क्यों न इस बारे मे लिखा जाए कि, " किस बारे मे लिखा जाए? " सत्ता, सहेली, या शाम, खेल, खिलौना, खाली जाम, घर के ...
-
जब घर एक कमरे का हुआ करता था तब ही से उसने सारे बोझ अपने कंधों पर रख लिए थे। एक कमरे का हो या एक कटठे का, उसके बिना घर कभी पूरा हो ही नहीं स...
-
मैंने शाम गुज़रते देखा हैं । एक जगह बैठे उसे रात, फिर दिन, और फिर वापिस आते देखा हैं उसे असाढ़ में तपते, माघ में ठिठुरते तो सावन में झूमते देख...
-
कोई मुझसे बचपन मे पूछता कि मुझे कहाँ जाने का मन करता है तो मैं कहता रेनुकूट। घबराइए मत, इस शहर में ऐसा कुछ भी खास नहीं है जिसके लिए ये प्रस...
No comments:
Post a Comment